कहते हैं ना मौत दर्दनाक होती है और कब किसे कहाँ आ जाये कहा नहीं जा सकता. ऐसे में बॉलीवुड को एक बड़ा झटका देते हुए अभी अभी फ़िल्मी कलाकार श्रीवल्लभ व्यास जी की मौत हो गयी है. बताया जा रहा है इस वक़्त श्रीवल्लभ व्यास जी की उम्र तकरीबन 60 साल की थी और वो बीते काफी समय से बीमार चल रहे थे. बीमारी से जिंदगी और मौत की जंग हारते हुए श्रीवल्लभ व्यास जी की मौत अभी जयपुर के एक अस्पताल में हो गयी है.
इस खबर से बॉलीवुड को एक बहुत ही बड़ा झटका लगा है. जानकारी के लिए बताएं तो श्रीवल्लभ व्यास जी का एक ऐतिहासिक रोल था आमिर खान की फिल्म लगान में ईश्वर काका का. बताया जा रहा है कि श्रीवल्लभ व्यास जी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और तबसे ही वो बिस्तर पर थे. कहा जाता है कि ज़िन्दगी के आखिरी समय में श्रीवल्लभ व्यास जी को वित्तीय कमी से भी दो-चार होना पड़ा था. इस बीमारी के चलते वो काफी समय से जयपुर में ही थे.
लगान फिल्म में उन्होंने किरदार ईश्वर की एक बेहद ही यादगार भूमिका निभाई थीं जो की फिल्म की मेन एक्ट्रेस गौरी( ग्रेसी सिंह) के पिता होते हैं. साथ ही ज्यादा जानकारी दें तो उन्होंने सरदार फिल्म में मुहम्मद अली जिन्ना के किरदार में भी नज़र आ चुके थे. बताया जा रहा है कि रविवार सुबह साढ़े नौ बजे उनका निधन हुआ. वे अपने पीछे पत्नी और दो बेटियां छोड़ गए.
सलाद और सब्जी के रूप में इस्तेमाल होने वाली मूली सेहत के लिए वरदान साबित होती है। मूली से सिर्फ सब्जियां ही नहीं बल्कि इससे पराठे और आचार भी बनाए जाते हैं। मामूली सी दिखने वाली मूली से कई रोगों का इलाज किया जा सकता है। जी हां, मूली कई औषधिय गुणों से भरपूर होती है। मूली का रंग सफेद होता है। इसका स्वाद तीखा होता है।मूली गाजर की तरह जमीन के भीतर कन्दरूप में पैदा होती है। मूली के पत्ते नए सरसों के पत्तों के समान, फूल-सफेद सरसों के फूलों के आकार के और फल भी सरसों ही के समान परन्तु उससे कुछ मोटे होते हैं। इसके बीज सरसों से बड़े होते हैं। मूली की तासीर खाने में सर्द, गर्म (उष्ण) और ठंडी होती है। मूली के बीजों में उड़नशील तेल होता है। कन्द में आर्सेनिक 0.1 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम में रहता है। मूली तथा बीज में स्थिर तेल भी पाया जाता है। वैज्ञानिक विश्लेषणों के अनुसार मूली में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फॉस्फोरस और आयरन है। इसमें विटामिन-A, विटामिन-B, पोटैशियम और सूक्ष्म मात्रा में तांबा भी होता है। मूली कच्ची खाई जाती है। मूली और मूली के पत्तों का साग भी बनता है। मूली के पत्तों म...
इन दिनों सोनी टीवी पर प्रसारित होने सीरियल 'पहरेदार पिया की' को लेकर बड़ी चर्चा चल रही है। दरअसल इस शो में 18 साल की लड़की और 9 साल के लड़के को पति-पत्नी के तौर पर दिखाया गया है। इस बात को लोगों के लिए पचाना बहुत मुश्किल हो रहा है। यही कारण है कि मेकर्स को इस शो का समय भी बदलना पड़ा है। खबर है कि अब इस शो में बच्चे के किरदार को बड़ा किया जा रहा है। टीवी पर ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि लोग एडल्ट कंटेंट को देखना पसंद करे। यही कारण है कि एक्ट्रेसेस का संस्कारी रूप ही वहां नजर आता है। मगर इन्हीं में से किसी एक्ट्रेसेस को यदि किसी और प्लेटफॉर्म पर काम करने का मौका मिला तो उनका अलग ही अंदाज देखने को मिलता है। आज हम आपके सामने ऐसी ही कुछ एक्ट्रेसेस का जिक्र करने वाले हैं। तो फिर देर किस बात की है। आइए जानते हैं पूरा मामला। निया शर्मा जी टीवी पर प्रसारित होने वाले शो 'जमाई राजा' में निया शर्मा ने रोशनी बहू का किरदार निभाया था। सिंपल सी लड़की के इस किरदार में उन्हें दर्शकों का बहुत प्यार मिला है। ट्विस्टेड' में नजर आया उनका बोल्ड अवतार आग...
Passive income has long been the holy grail for entrepreneurs looking to free up their time, untethering the cord of daily duties and responsibilities from the potential to generate healthy monthly revenues. While the importance of passive income isn't often doubted, the monumental hurdle often required to achieve a respectable amount of cash flow from automatically-recurring revenue streams is often too great for most to bear. Clearly, it's hard to generate passive income. It requires the upfront investment of a significant amount of our time, usually with little to no returns for extended periods. We can go months and even years without a single dollar produced from passive income activities, making even the most astute entrepreneur shake their head in sheer and utter frustration. The truth of the matter is that time is far more valuable than money. While money can be spent and earned, time can only be spent once, then it's gone forever. As we age and grow olde...
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